सालमें जो गुरुवार से शुरू होनेवाला है, आप और हिन्दुस्तान गुती र और भगवान आपके दिलों को प्रकाशित करेगा, जिससे आप आपनमे येक दूसरेकी और हिन्दुस्तानी ही नहीं, किसके द्वारा सारी दुनियाकी सेना कर सकें 1 ६३ विक्रम भवन १३-११-२०७ प्रार्थनाके याद बोलते हुये गाधीजीने नये वर्ष दिनस, जिसे मुन्होंने दीवालीका दिन कहा था, जिक्र किया । न्होंने जिस नाम रिवाजकी तरफ श्रोताओंका ध्यान सोचा कि नये सालके दिन लोग पहलेसे अच्छे काम करनेके लिये पविन प करते हैं ताकि ने दूसरी दीवाली मनानेका हक पा सकें। जिस मुल्तव मनानेका यह मतलब होगा कि जिसमे हिस्सा लेनेवालोंने सफलता के साथ अपने सकल्पोंपर मम किया है। बुरी ताकतोंको जीतो मुझे झुम्मीद है कि आप लोग भान अंक बहुत स निरचय करेंगे। वह यह है कि पाकिस्तान या हिन्दुस्तानी समें दूसरे लोग चाहे जो करें या न करें, लेकिन आप लोग तो मुसलमानोंके अच्छे दोस्त होनेका अपना सकल्प पूरा करेंगे। जिसका मतलब यह है कि सालभर आप अपने भीतर रहनेवाली पुरो ताकतोको जीतेंगे और अच्छाओंके देवता रामका राज अपने दिलोयर कायम करेंगे । मै आप लोगोंका ध्यान मिस सचाभीकी तरफ सींचना चाहूँगा कि जो भी हर साल दीवालीपर जबरदस्त रोशनी की जाती है, मगर कल वरायेनाम रोशनी थी। यह मिस अन्धविश्वासके कारण किया गया, या कि अगर बिलकुल रोशनी नहीं की गंभी, तो यह सुनके लिये पूरे सारू भेक बुरा शकुन रहेगा । में मिसको अन्धविश्वास सिलिये कहता - १७२
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