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पृष्ठ:Gandhi - Delhi Diary (Hindi).pdf/२०३

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रानपुरके प्रेसियोंको अपनी लगाओके लिये बल मिला है। फिर भी, भिसके बारेमें वे मेरी राय चाहते थे। मैंने कहा कि मैं आरके वही हालत नहीं जानता, मिसलिओ को भी नियम तो नहीं चना लम्ता । न मुझे सुन वन बातोंका अध्ययन करनेश समय है। लेकिन जितना तो में विश्वासके साथ ह भत्ता है कि मध्यान्ह दुनियानें सबसे वदी साक्त है, जिसके सामने आप बताया हुआ निरोधी गठन ने समय तक टिक नहीं सकता । I सत्याग्रहका अर्थ 1 आजस्त हथियारबन्द वा दूसरी तरहके तित्री नी विरोधको सत्याग्रहका नाम देना भेक फैशन-सा हो गया है । भिससे समाजको नुक्सान होता है । विलिये अगर आप लोग मलान पूरे अर्थो समझ लें और यह जान ले कि सल और प्रेरके रमने जीता जागता भगवान सलानहीके चाय रहता है, तो आपको यह मान्नेनें कोसी संकोच नहीं होगा कि सत्यामहपर कोभी विजय नहीं पा सकना ! हिन्दू महासभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संपके चारेनें मुझे जो महना पदा है का मुझे दुख है। जिन वारेमें मुझे अपनी गलती जानवर खुदी होगी। मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुलिया से मिला हूँ। में मित्र मीठो शामिल हुआ था। तबसे मुझे सकी बैठने जानेके लिये डाटा जाता रहा है और मेरे पास राष्ट्रीय स्वयसेवक मन वारेमें शिकायतोंके कमी खत भागे है। अफ्रीका के बारेमें हिन्दू-मुस्लिम मेक हैं जिसके बाद गाधीजीने कहा, जो भी हम सब अपने देश साम्प्रदायिक झगरेकी आग को बुझाने में लगे हैं, तो भी हमें हिन्दुस्तान के बाहर रहनेवाले अपने मामियोंको नहीं भूलना चाहिये। आप आनवे हैं कि स्युक्त राष्ट्र सपके सामने हमारा हिन्दुस्तानी प्रतिनिधिमण्डल दक्षिण अफ्रीका के हिन्दुस्तानियोंके अधिकारोंके लिये कितनी बहादुरी और मेन्तासे लड़ रहा है। आप सब श्रीमती विजयलक्ष्मी पण्डितको जानते हैं । वह हिन्दुस्तानी प्रतिनिधि मण्डलकी मुखिया मिललिओ १८०