सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:Gandhi - Delhi Diary (Hindi).pdf/२०९

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

૬. १८-११-२४० असिल भारतीय कांग्रेस कमेटीय. प्रस्ताय आज शानको प्रार्थनासभा मामन बोलते हुआ गाधी भारत कामेस कमेटी द्वारा पास किये गये प्रस्तावीस जिन्होंने क्या कि सुनमेसे ज्यासतर प्रस्ताव भी है, जिनमें जनना और साथ ही केन्द्रीय और प्रान्तीय सरकारोंसे नी कुछ पर्व अ रनेकी आमा की गओ है । हिन्दू-मुस्लिमोंके आपनी सम्बन्ध 1 जिस तरह मुख्य प्रस्तावमें दर गैरमुस्लिम नागरित्से आता की भी है कि वह हर मुसलमान नागरिक सुचित धरतान करें, जिससे वह हिन्दुस्तानके किसी भी हिस्सेमें अपनी जान और मालकी पूरी सलामती अनुभव कर सके । सुसमें यह भी आना जाहिर की गयी है कि सरकार ओर जनता जैसा काम करेगी जिससे नारे मुमलमान धरणार्थी, लाचार होकर अपने घर छोड़ गये है, और अपने अपने धन्धे फिर शुरू कर दें । सिकी बच्ची परीक्षा यह है कि रणार्थियोंके जो जत्थे पाकिस्तानकी तरफ पैदल म रहे हैं, वे वरण सा फर्के अनुभव करने लगे कि पाकिस्तान जानेके बजाय अपने घरोंकी तरफ लौट में । मुझे यह कहते हुये सुशी होती है कि जो जत्था गुरुव जिल्ले खाना हुआ था शुभके कुछ आदमी अपने घरोंको लौड रहे हैं। अगर जनता सही बरताव करे, तो मुझे पूरी झुम्मीद है कि पूरा जत्था अपने घर लौट आयेगा । पानीपतके मुसलमानों का मामला गाधीजीने कहा, मुझे खबर मिली है कि पानीपत के सुतलनानस मामला कुछ कुछ गुड़गाँवके जत्ये इगका है । मगर रेलगाड़ीका ૧૬