ठाने है। मेरी मानना बिहारी लोग भी मेरी या 1 है। मुलेठीक नहीं हो देता है। हिन्दू हि बदलापुरानी से 1 अग बनाओ । थुगुना करने में । विभ्व महासभा और are area में है। मा हिन्दू नाम और राष्ट्र है। सुनोग tarai anta शिलाम सदर 1 जो लगी होती है, मीम्मेदार पती जो है, जिन्होंने शिव सताया, अनामिक गुनाटपर परनामा करना है । भम्जिदोंमें मूर्मियों सरदार पटेल भी भी ना जिन्हें रिस रहा नी पहुंचा है, असी नजिकी हिभात कर रहे है। तिन्हें मन्दिर । नृति लोहेरी, मोने-चांदीही या निहोकी होती है । नगर की है. उब तमसुकी प्राण-प्रतिष्ठा नहीं होती, तर वह पूजाके लाव नहीं होती । पा हाथोंते नृतिकी प्रतिष्ठा होनी चाहिये और पात्र हाथोंने सुनकी पूजा होनी चाहिये, तब में प्राय आते हैं। स्नॉट प्रेसके पास और मस्ि हनुमानजी विराजते हैं । वे पूजा का नहीं । पूजाके लिभेन्द्री प्राण-प्रतिष्ठा होनी चाहिये । मुन्हें हवने बैठना चाहिये।वह मूर्ति रखना धर्मका अपमान करना है । म मूर्ति मी बिगड़ती है मोर मस्जिद भी । मस्जिदोंकी रक्षा के लिये पुलियत पहरा क्यों होना चाहिये । वरदारको पुलिसका पहरा क्यों रखना पढ़ें! हम सुन्हें ह
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