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पृष्ठ:Gandhi - Delhi Diary (Hindi).pdf/२५५

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कर सकेंगे। कुदरतने हमे भैसा बनाया है कि हम अपनी पीठ नहीं स सक्ते । झुसे तो दूसरे ही देख सकते हैं । गिमा अकलमन्दी यही है कि जो दूसरे देख सकते हैं, सुमसे हम फायदा झुठावें । सत्यकी खोज कल प्रार्थनामे आते समय मुझे जूनागढसे जो लम्बा तार मिला, सुसकी बात कल पूरी नहीं हो सकी। कल मैंने सुसपर मरसरी नजर ही डाली थी । आज सुसे ध्यानपूर्वक पर गया है । वार भेजनेवाले कहते हैं कि जिन मिantniका मेने पहले दिन चिक दिया था, वे सब मन् हैं। अगर यह सही है, तो काठियाबादके लिये यहुत बुरी बात है । अगर जो मिलजान साथियोंने स्वीकार किये हैं और मैंने छापे है, अनसे बवानेकी कोशिश की गभी है, तो तार मेजनेवालोंने पाकिस्तानको नुक्सान पहुँचाया है। वे मुझे निमन्त्रण देते हैं कि में खुद काठियावारमें जा और अपने आप सब जोंकी तहकीकात करूँ। मैं समझता हूँ, वे जानव हूँ कि में आज कैसा नहीं कर सकता। वे भेक तहकीकात कमीन साँगते है । मगर जिनसे पहले न्हें केस तैयार करना चाहिये । मै मान लेता है कि सुनका हेतु जूनागढको या काठियावाडको बदनाम करना नहीं है। वे सच निकालना चाहते हैं और अल्पमतके जानमाल व भिज्जतकी रक्षाका पूरा प्रबन्ध चाहते है । वे जानते है और हरमेक आदमी जानता है कि अखवारी प्रचार, खास करके जब वह पूरा पूरा सच न हो, न तो जानकी रक्षा कर सकता है, न मालकी ओर न भिज्जतकी । तीनोंको रक्षा आज हो सकती है । सुसके लिये तार, मेजनेवालोको सचालीपर कायम रहना चाहिये और हिन्दू मित्रोंके पास जाना चाहिये। वे जानते हैं कि हिन्दुभने सुनके मित्र हैं। वे यह भी जानते है कि अगरचे मै काठियावादसे बहुत दूर बैठा हूँ, नगर यहाँ भी सुनका काम कर रहा हूँ। मैंने जानबूझकर यह बात छेदी और fre बारेमें मै सव सच्ची खबरें मिट्टी कर रहा हूँ। में सरदार पटेलसे मिला हूँ | ने कहते हैं कि जहाँ तक सुनके हायकी बात है, वे कोमी झगड़ा नहीं होने देंगे और जहाँ कहीं कोभी मुस्लिम माभी बहनोंसे बदतमीजी करेगा, झुसे कही सजा दी जायगी । काठियावाडके कार्यकर्ता, २३२