लोगोंको बुरे मौसमका और जीवनकी दूसरी मुसीबतोंका अपनी मैयुक्त कोशिश से सामना करना सिखाना है । विना सुनकी मेहनतके, जैसे तैसे मुन्हें जिन्दा रखने में मदद नहीं करना है । कण्ट्रोल हटानेका मतलब भिस तरह देखा जाय, तो अकुश हटानेका अर्थ यह है कि हुकूमतके चन्द लोगोंकी जगह करोड़ोंको दूरन्देशी सीखना है । हुकूमतको जनताके प्रति नमी जिम्मेदारियाँ झुठानी होंगी, ताकि वह जनता के प्रति अपना फर्ज पूरा कर सके । गाडियों गैराकी व्यवस्था सुधारनी होगी । सुपज बढ़ानेके तरीके लोगोंको बताने होंगे। जिसके लिये खुराक विभागको बड़े जमीदारोंके बजाय छोटे छोटे किसानोंकी तरफ ज्यादा ध्यान देना होगा । हुकूमतको भेक तरफसे तो सारी जनताका भरोसा करना है, और दूसरी तरफसे शुनके कामकाजपर नजर रखना है, और हमेगा छोटे छोटे किसानोंकी मलामीका ध्यान रखना है भाग तक झुनकी तरफ कोमी ध्यान नहीं दिया गया । मगर करोड़ोंकी जनतामें बहुमत जिन्हीं लोगोंका है। अपनी फसलका झुपयोग करनेवाला भी किसान खुद है। फसलका थोडासा हिस्सा वह बेचता है और सुसके जो दाम मिलते हैं, खुनसे जीवनकी दूसरी जरुरी चीजें खरीदता है । अंकुशका परिणाम यह आया है कि किसानको खुले बाजारसे कम दाम मिलते है । जिसलिये अंकुम सुठनेसे किसानको जिस अब तक अधिक वाम मिलेंगे, सुस हद तक खुराकको कीमत बढेगी । खरीदारको जिसमें शिकायत नहीं होनी चाहिये । हुकूमतको देखना है कि नमी व्यवस्था में कीमत बहनेसे जो नफा होगा, वह सबका सब किमानकी सेव जावे । जनताके सामने रोज रोज या इफ्ते के हफ्ते यह चीज स्पष्ट करनी होगी । वड़े बड़े मिल-मालिकों और वीचके सौदागरोंको हुकूमत के साथ सहकार करना होगा और हुकूमतके मातहत काम करना होगा । मैं समझता हूँ कि यह काम व्यान हो रहा है। मिन चन्द लोगों और मण्डलोंमें पूरा भेलजोल और सहकार होना चाहिये । आज तक झुन्होंने गरीबोंको चूसा है और सुनमें आपस आपस में भी स्पर्धा चलती आभी है । यह सब दूर करना होगा, खास करके खुराक પર
पृष्ठ:Gandhi - Delhi Diary (Hindi).pdf/२७६
दिखावट