मुझे पता लगा है कि रिसतगोरी यढ़ रही है। मो क्या हिन्दुस्तानम हर आदमी अपना ही गाल करेगा और हिन्दुस्तानकी भलाभ कोशी नहीं संचेगा ' आभ्यासन निरी चालाकी है - भेक भाभी लिखते है "मैंने अभी आपकी पा भाषण रेडियोपर सुना । मुखमें भापने कहा है कि यू०पी० के कुछ मुसलमान भाजियोने, जो लाहोर जाम आये हैं, आपको पर विश्वास दिलाया है कि मुस्लिम और गार हिन्दू यहाँ माल अपना कारवार शुरू कर सकते है। पाक हिन्दुओं ही युलाना और सिक्सोको नहीं माना यह चालाकी है, और मि और हिन्दुओंमें फूट पाने की चाल है। जिम तरहका भाररान धोलेरा है, मजाक है। शायद आप से लोग ही से मुसलमानको बातामें आ सकते हैं। मे आपको ११ दिसम्बर के 'हिन्दुस्तान वाजिन्व' की अक कतरन भेजता हूँ । झुलसे आपको पारिस्तान सरकारको सवाभी और साफदिलीका पता चल जायगा। यह पड़कर भी क्या आप यह मानेंगे कि जो मुसलमान आपके पास आते हैं, वे श्रीमानदार हैं सिर्फ भितना ही बताना चाहते है कि पाकिस्तान सरकार अल्पमतालोंके अति न्याय करती है और पाकिस्तानमे सब ठीक-ठीक चल रहा 1 अगरचे वास्यात मित्रसे सुलटे है। अगर वे मुसलमान आपके पास आये, तो कृपा करके न्हें यह कतरन दिखाभियेगा । में विश्वास रखता हूँ कि आप भूले नहीं होंगे कि २० नवम्बरको जो हिन्दू और सिक्स अपनी कीमती चीजे बैंकोंसे निकलवाने लाहोर गये थे, सुनका क्या हाल हुआ था। हिन्दुस्तानी मिलिटरीपर, जिसकी रक्षानें ये लोग गये थे, शुसलमानोंने हमला किया। पाकिस्तानी अकसके सामने वह वाक्या हुआ। मगर सुन्होंने दाजोरीको रोक्की को भी कोशिश नहीं की । कतरनमें लिखा है ---- " लाहोर " चिचिल और मिलिटरी गजट' अखवारमें हाल ही में अक रिपोर्ट छपी थी कि गैरमुस्लिम व्यापारी और दूकानदार, जो दगोके दिनों में भाग गये थे, धीरे धीरे महीनोंका वन्द पड़ा अपनी
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