हैं, चाहे वे काग्रेस हो या न हों । जय काग्रेस, जो कांग्रेसने हैं, सुन्हींका विचार करेगी, तो सुखका क्षेत्र बहुत सकुचित हो जायगा । काप्रेस में तो आज भी बहुत कम लोग हैं। लेकिन काग्रेसकी भाज कोभी बराबरी नहीं कर सकता, तो शुखस्त्र कारण यह है कि वह सारे हिन्दुस्तानकी नुमा जिन्दगीका प्रयत्न कर रही है । वह गरीब से गरीब, और दलित-से-दलितकी सेवाको अपना ध्येय बनाये हुये है । १०२ प्रार्थनाका समय २३-१६-१७ ओक भाभी सूचना करते हैं कि अब तो सदों व गभी है। प्रार्थना ५ बजेके बदले ५ बजे की जाय । सदीं तो वही है, पर दिन भी २१ दिसम्बर से भेक भेक मिनट बढ़ेगा । तो भी अगर आप चाहते हैं, तो प्रार्थना कलले ५ बजे होगी बहावलपुरके गैरमुस्लिम आज मुझे तीन बातें कहनी हैं । बहावलपुरसे लोग आये है । वे परेशानी में पडे हैं। वे कहते हैं कि यहाँ जिसने हिन्दू-सिक्ख हैं, सुन्हें बुला लो, नहीं तो वे कट जायेंगे | दो आदमी आज मेरे पास जाये थे । सुन्होने कहा कि " अगर सुनके लिये कुछ नहीं होगा, तो हम गवर्नर जनरलके मकान के सामने भूख हडताल करेंगे ।" जैसा करनेसे अगर महावलपुरके हिन्दू-सिक्ख जिन्दा रह सकें, तो अलग बात है । पर आज गवर्नर जनरलमें वल नहीं है। सुनकी पीठपर भाज ब्रिटिश सल्तनतका वल नहीं है । हमारे वळसे वह खड़े रहते है । आप आन्दोलन भले करें । लेकिन जैसे खुपवास करनेसे को भी फायदा नहीं है । बहावलपुरके नवाब साचसे मैं कहूँगा कि बहांके हिन्दू-सिक्ख जहाँ चाहें वहाँ सुन्हें मेन दिया जाय, नहीं तो सुनके धर्मका पतन है। नवाब साहबके २९१
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