सारे हिन्दुस्तान से लोग आभाकर जिसपर फन करें। प्रार्थनामें जो मंत्र पढ़ा गया है, इसका मतलब यह हैं कि हमारे पास जो कुछ है, हम सब भगवानके अर्पण कर दें और फिर जितनेकी हमें सचमुच जरूरत हो, झुत्तना ही शुसमें से ले लें। अगर हम भिस मंत्र के अनुसार रहें, तो मिस कैम्पमे ही नहीं, सारी दिल्लीमें, जो दालमें बदनाम हो गमी है, फिरसे नभी जान आ जायेगी और हमारे सबके जीवन अन्दरके सुखसे भर जानेंगे । ११४ लड़ालीका मतलव ४-१-१४८ मे चन्द मिनिट देरसे आया, क्योंकि पानी बरस रहा था। मुझसे कहा गया कि प्रार्थनाकी जगह ४-५ आदमी हैं। क्या जाना है । मगर मैने कहा कि ४-५ आदमी हों या २५, मुझको जाना ही है । यहाँ जितने ज्यादा आदमी आये हैं, मुसके लिये मे आप सबको धन्य- वाद देता हूँ । मे यह मानता हूँ कि आप यहाँ सिर्फ कुतूहलके लिये नहीं आये, बल्कि अश्वरके मननके लिये आये हैं। आजकल हर जगह ये यातें चलती है कि शायद पाकिस्तान और हिन्दुस्तान के मीचमें सदाभ होगी । यह हमारी कमनसीची है। हम दोनों आपसमें सुलहले बैठ सकेंगे या नहीं है में मिल बातसे हैरान हो गया कि पाकिस्तानने बयान निकाला है कि यूनियनने कडाभी छेठनेके लिये यू० ओन● मो० के पास अपना केस मेजा है । यह कुछ अच्छी बात नही है । तब स्थाप मुझे पूछ सकते हैं कि यूनियन यू० येन० मो० के पास गभी, वह क्या अच्छी बात है ? मैं कहूँगा कि अच्छी भी हैं और बुरी भी । अच्छी मिस वास्ते कि काश्मीरकी सरहृदयर चाभी होती रहती है, और भैसा कहा जाता है कि समे पाकिस्तानका कुछ हाथ है। जैसा A नहीं है, शकिस्तानके चितना कह देनेसे ही काम नहीं चलता । काश्मीर ३११
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