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पृष्ठ:Gandhi - Delhi Diary (Hindi).pdf/३६४

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सी० आवाज जल्दी से जल्दी नहीं पहुँच जाय, मिसलिये यहाँ यह सब कह रहा हूँ। वे लिखते हैं, मेम० भेल० मे० मोर ओम० मेल लोग गन्दगी फैला रहे हैं । झुस गन्दगीको कम करनेके लिये मेम्बरोंकी सख्या कम करनी चाहिये । गन्दगी कम होगी, तो मुझे हटाना आसान होगा । sa पार्टियोंसे अपील कम्युनिस्ट और मोगलिस्ट भाभी भी वहाँ पड़े हैं। वे लोग काग्रेस पर हमला करके हिन्दुस्तानका कब्जा देना चाहते हैं। अगर सब हिन्दुस्तानका कब्जा लेने की कोशिश करें, तो हिन्दुस्तानका क्या हाल होगा ! हिन्दुस्तान सवका है। हिन्द हमारा न बने, हम हिन्दके बने 1 हम सब हिन्दकी सेवा करें और वह भी निस्वार्थ भावसे । यह हमारा पहले नम्बरका काम है। हम अपना पेट भरनेका न सोचें । अपने रिश्तेदारोंको नौकरी दिलानेकी कोशिश करें, तो काम बिगड़ जायगा । आत्मयातो वृत्ति मेरे पास चन्द मुसलमान भाभी आये थे । झुन्होंने कहा, पहले काग्रेस हमें सूपर रखती थी, मगर अब हम कहाँ जायें और कहाँ तक ये तकलीफे सहन करें ? जिससे बेहतर क्या यह न होगा कि हम चले जानें ! तब मारपीट और तौहीनसे तो बच जायेंगे। मैंने कहा, आप खामोग रहें। हुकूमत सब कोशिश कर रही है । अगर कुछ न हुआ, तो देखा जायगा । आखिर में हम को भूलना है कि हम हिन्दू हैं, मुसलमान हैं, सिक्स हैं या पारसी हैं। हम सब हिन्दुस्तान के रहनेनाले हिन्दी हैं । धर्म अपनी निजी बात है । झुसे राजनीतिक क्षेत्रमें न लावें । अगर हिन्दू विंगड़ते मर जायेंगे। किसीको सुन्हें मारने की आत्महत्या करनी है, तो करें । आज मुसलमानोंको दवायें, कल किसी औरको, यह चल नहीं सकता । वो किसी को, दवाने की कोशिश करता हैं, वह खुद दब जाता है, यह जीवनका कानून है । हम सब हिन्दी है। हिन्दकी और हिन्दियोंकी रक्षा करते करते मर जायेंगे । ही रहते हैं, तो वे अपने आप जरूरत नहीं पढ़ेगी । सुन्हें