भैसी परोसे मेरा मिर नामसे शुरू जाता है। आज जो सरकार वहीं राज कर रही है सुसा और का फर्ज है कि मुसलमानोंकी तरह यर्दकि मृग पूरी तरह सुरक्षित रहे । भवन यह देश हिन्दू और निम्ग नी गुरुना पागलपनका छोटा भाभी है सरहदी सूचेकी दुखभरी घटनाओं 2. निन्दा करते हुये गाधीन नतीजा नहीं निकलेगा। लोगोको समझाया कि गुना करने को बदलेकी भावना पैदा होती है, और आज पश्लेी मारना ही यहाँ की और दूसरी जगहकी मार घटनाओंके लिये जिम्मेदार हूँ । दिल्ली घटनाओंका बदला पश्चिम पवार या मरी में हर मुसलमानों को क्या फायदा होगा, या पश्चिम जान और मरवरी मूत्रमें अपने भाभियोंपर होनेवाले जुल्मोंका बदला दूसरी जगह से हिन्दुओं और सिक्कोंको क्या मिलेगा ? अगर भेक आदमी या अंक गिरोह पागल वन जाय, तो क्या सभीको पागल न जाना चाहिये ? मे हिन्दुओं और सिक्खोंको यह चेतावनी देता हूँ कि भारने, लूटने और आग लगाने के कामों के अपने ही धर्माका नाश कर रहे है। मे धर्मका विद्यार्थी होनेका दावा करता हूँ । मे जानता हूँ कि कोभी धर्म पागलपनकी बीव नहीं देता । यही भाव मिस्लामकै लिये भी सच है। मैं सबसे प्रार्थना करता हूँ कि आप अपने पागलपनके काम दम बन्द कर दें। आप आगे मानेवाली पीढियोंको अपने बारेमें यह कहनेका मौका न दें कि आपने आजादीकी मीठी रोटी खो दी, क्योंकि आप से पचा न सके। याद रखिये कि आपने जिस पागलपनको बन्द न किया, तो दुनिया की नजरोंमें हिन्दुस्तानकी को भी कदर नहीं रह जायगी । भीती बाठे भूल जानिये मैं दुनिया की सबसे सुन्दर मसजिद मुस्लिम भाभी- बहनोंको मुसीबतमे देख जामा मसजिदमें गया था । वहीं मैंने दुखियोंको यह कहकर डान्स धानेकी कोशिश की कि हर निन्द्यानको ठोकन भेक रोख भरना ही है । ८ मुझे वदा दुःख हुआ । मरे हुने लोगोंके लिये
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