अपनी सुशी फिरसे ओक हो । म में यह करना चाहता हूँ कि जबरदस्तीसे मिटानेरा मुझे साल नम नहीं आना करता हूँ कि मृत्यु-शैवापर पदे मेरे ये वचन किसी ने नहीं । मे सुम्नीद रखता हूँ कि पाकिस्तानी समय जायेंगे कि अगर कमजोरीकी वजहसे या अनस दिलाने उसे ने सुनके सामने अपने दिलकी बच्ची बात न रपे, सो में अपने प्रति और सुनके प्रति ला साबित होगा | अगर मेरे हिसाबने कुछ गलती रही हो, तो मुझे बताना चाहिये | ने पादा करता हूँ कि अगर ने गलती मन गय तो अपने वचन वापस लेगा। नगर में जानता हूँ पारिस्तान के गुनाइके बारेमें दो विचार हो ही नहीं सस्ते । फासे मैं खुश हूँ मेरे सुपवासको किसी तरहसे भी राजनीति न ममला लय । यह तो अन्तरात्माकी जबर्दस्न भावान अपने वने ममझ किया गस है । नहायातना भुगतनेके याद मैंने फाना करनेश फैला किया। दिल्लीके मुसलमान भाभी सिवाले साक्षी है। सुनके प्रतिनिभि करीब करीब रोज मुझे दिन भरकी रिपोर्ट देने आते है । जिस पवित्र मौकेपर मेरा लुपवास छुनानेके हेतु तुझको घोग देकर रामा नारान, हिन्दू-सिक्स और दूसरे लोग न अपनी खिदमत करेंगे, न हिन्दुम्नानकी । वे सब समझ लें कि ने भी भितना नहीं रहता, जितना कि आत्माको बातिर झुपवास करते वक्त । भित्र फाक्से मुझे रनैशसे ज्यादा खुशी हासिल हुआ है। किसीको जिसने विन्न डालने की जदत्त नहीं है। दिन जिसी सर्तपर डाठा मा सकता है कि लीनानदारी आप यह कह सकें कि आपने सोच मनसार चैतानकी तरसे अपग मुँह फेर लिया है और मीश्वरकी तरफ चल पड़े हैं । । E
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