स्टोलता हूँ और आपको भविष्य सुनाता हूँ कि अगर किसी न किसी कारणले हम भेक दूसरेसे दोस्ती न कर सके, वह भी यहाँक ही नहीं बल्कि पाकिस्तानके और सारी दुनियाके मुसलमानोंसे हम दोस्ती न कर सके, तो हम समझ लें जिसमें मुझे कोभी शक नहीं कि हिन्दुस्तान हमारा नहीं रहेगा, पराया हो जायगा, गुलाम हो जायगा । पाकिस्तान गुलाम होगा, यूनियन भी गुलाम होगा और जो भाडादी इनने पाक्षी है, वह आजादी हम खो बैठेंगे । - आज मुझे भितने लोगोंने आशीर्वाद दिये हैं, सुनाया है। यकीन दिलाया है कि हम सब हिन्दू सिक्ख, मुसलमान, असामी, पारसी, यहूवी भाभी भाभी बनकर रहेंगे और किसी भी हालतमें, कोभी कुछ भी कहे, दिल्लीके हिन्दू, सिक्ख, मुसलमान, पारसी, असामी सब, जो यह कि बाशिन्दे हैं और सब धरणार्थी भी, दुश्मनी नहीं करनेवाले हैं । यह योगी बात नहीं है। जिसके मानी ये हैं कि मवसे हमारी कोशिश यह रहेगी कि सारे हिन्दुस्तान और पाकिस्तानमें जितने लोग पड़े हैं, वे सब मिलकर रहेंगे । हमारी कमजोरीके कारण हिन्दुस्तानके टुकडे हो गये, लेकिन दे भी दिलसे मिलने है। अगर मिस फाकेके छूटनेका यह अर्थ नहीं है, तो मै वही नम्रतासे कहूंगा कि फाका छुड़वाकर आपने कोभी अच्छा काम नहीं किया। कोभी काम ही नहीं किया । अव फाकेकी आत्माका भलीभाँति पालन होना चाहिये । दिल्लीमें और दूसरी जगहमें मैद क्यों हो? जो दिल्लीमें हुआ और होगा, वहीं अगर सारे यूनियन में होगा, तो पाकिस्तानमें भी होना ही है । जिसमें आप शक न रखें। आप न डरें, अक बच्चे भी डरनेका काम नहीं । भाइ तक हम, मेरी निगाहमें, शैतानकी तरफ जाते थे। भाजसे मे सुम्मीद करता हूँ कि हम भीश्वरकी ओर जाना शुरु करते है। लेकिन हम तय करें कि ओक वक्त हमने अपना चेहरा, मुँह औश्वरकी ओर घुमाया, तो वहाँले कभी नहीं हटेंगे। जैसा हुआ तो हिन्दुस्तान और पाकिस्तान दोनों मिलकर हम सारी दुनियाको बैंक सकेंगे, सारी दुनियाकी सेवा कर सकेंगे और सारी दुनियाको गूंची ले जा सकेंगे। मे और किसी कारणले जिन्दा नहीं रहना चाहता | मिन्सान जिन्दा रहता है, तो अिन्सानियतको मूँचा ३७०
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