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पृष्ठ:Gandhi - Delhi Diary (Hindi).pdf/३९४

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जिसी तरहसे हिन्दुस्तानके दोनों हिस्सोंमें दोस्ती और समझौता हो, जिस अपीलको भी सब लोग जस्त्र मानेंगे। खुशकिस्मती से जिस रियासत में पिछले सालमें अपनी कठिनामियोंका सामना हम सब कोमोमें समझौते, प्रेम और मेलके सुसूलपर कर सके हैं । नतीजा यह है कि मिस रियासत में शान्तिभंग करनेवाला भेक भी किस्सा न बना। हम आपको यकीन दिलाते हैं कि हम अपनी पूरी ताकतसे मिस मेलबोल और मित्रभावको बढ़ाने की कोशिश करेंगे 1 पंarth प्रधान मंत्रीका तार मै पूरा पूरा देता हूँ। मैं लिखते हैं आपने भेक भले कामको बढ़ानेके लिये जो कदम झुठाया है, खुसकी पश्चिम पंजाबकी मजारत तहेदिलसे तारीफ करती है और सच्चे हृदयसे उसकी कदर करती है । जिस वजारतने अकलियतोंके जान-माल और भिज्नतको बचानेके लिये जो भी हो सके तो करनेका सूरू हमेशा अपने सामने रखा है । यह वजारत मानती है कि अकलियतोंको शहरियोंके बराबर हक मिलने चाहिये । हम आपको यकीन दिलाते हैं कि यह वचारत मिस नीतिपर अब बुगुने जोरसे अमल करेगी। हमें यही फिकर है कि हिन्दुस्तानके जिस छोटेसे भूखण्ड ( परे आजम ) में हर जगह फौरन हालात सुधरें, ताकि आप अपना खुपवास छोड़ सके । आपके जैसी कीमती जिन्दगीको भवानेके लिये मिस में हमारी कोशिशों को भी कसर न होगी । " चेतावनी आजकल लोग बिना सोचे-समझे नकल करने लगते हैं । भिसलिये मुझे चेतावनी देनी होगी कि कोभी जितने ही समय में जिसी तरहके परिणामकी भाशा रखकर भित्र तरest art शुरू न करे। अगर कोभी करेगा, तो से निराश होना पड़ेगा । और, असे अचूक और शाश्वत झुपायकी बदनामी होगी। सुपवासको गर्तें कही हैं। अगर भीश्वरमें जीता जागता विश्वास नहीं है और अन्तरात्मासे जबरदस्त आवाज, सीश्वरीय हुक्म नहीं निकलता है, तो सुपवास करना फिजूल ३७५