सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:Gandhi - Delhi Diary (Hindi).pdf/५७

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ अभी शोधित नहीं है।

सरह आप पाकिस्तान के मुसलमानोंसे, यहाँ तक कि सरहदी सूबेके चत्रायलियाँ भी भला घरताव पा सकेंगे । हिन्दुस्तानको शान्ति और जिन्दगीके लिये यहाँ अक रास्ता है । हिन्दुस्तानसे हरओक मुसलमानको भगाने और पाकिस्तान हरमेक हिन्दू और सिक्सको भगानेका नतीजा यह होगा कि दोनों सुपनिवेशोंमें लाभ होगी और देश हमेशा के लिये बलाद हो जायगा । अगर दोनों अपनिवेशों में यह मालपाती नीति बरती यमी, तो ससे पाकिस्तान और हिन्दुस्तान दोनोंमें अिस्लाम और हिन्दू धर्मका नाश हो जायगा । मलामी सिर्फ भलाभीचे ही पैदा होती है । प्यारसे प्यार पैदा होता है । जहाँ तक क्ला लेनेकी बात है जिन्सानको यही शोभा देता है कि वह बुराभी भरनेवालेको भगवानके हाथमें छोड़ दे। जिसके लिया दूसरा को भी रास्ता मैं नहीं जानता । १० अतराज करनेवालेका मान रखा गया २१०९-१४७ विग्ला भवन मैदानमें प्रार्थनाके वक्त जव भेक आदमीने अल कातेहा ' पवनेपर भतराज किया, तो प्रार्थना रोक दी। मगर गाaratt समाके सामने भाषण दिया । उन्होंने कहा कि मैं अंतराज करनेवालेसे बहस नहीं करना चाहता । लोगों के दिलोंमें आज जो गुस्सा भरा हुआ है, इसे मैं समझता हूँ । वातावरण जैसा ढंग है कि मे अंतराय करनेवाले मे आदमीकी भी भिज्जत करना शुचित समझता हूँ । मगर भिसका यह मतलब नहीं है कि मैंने भगवानको या खुसकी प्रार्थनाको अपने दिलसे हटा दिया है। प्रार्थनाके लिये पवित्र वातावरणकी जरुरत है । अतराजोंसे दरभेक्को यह बात दिलमें रख लेनी चाहिये कि जो लोग जनसेवा करना चाहते है मुन्हें अपने अपार धीरज और सहिष्णुता रतने की जरूरत है । किसीको दूमरोंपर अपने विचार लादनेकी कोशिश कभी नहीं करनी चाहिये ।