1 लपको कैसे बुझाया जाय ? जिसके बाद गाधीजीने बताया कि आज मै गवर्नर जनरलसे मिला था 1 सुसके बाद दिल्लीकी सारी जातियोंके खासखास कार्यकर्ताओं और शहरियोंसे मिला । फिर मैने काग्रेस वर्किंग कमेटीकी बैठकमे हिस्सा लिया । हर जगह भिसी अक सवालपर चर्चा हुआ कि नफरत और बदलेकी लपटोंकों कैसे बुझाया जाय । जिन्सानका फर्ज है कि वह अपनी कोशिशमें कुछ झूठा न रखे । तब वह विश्वासके साथ मुसका नतीजा भगवानके हाथोंमें सौंप सकता है, जो सिर्फ सुन्हीको मदद करता है, जो अपनी मदद खुद करते हैं । १५ २६-१-४७ प्रार्थना शुरू होनेसे पहले गाधीजीने हमेशा की तरह पूछा कि मे अपनी प्रार्थनामें कुरानकी कुछ आयतें भी पहुँगा, क्या किसीको जिसपर भेतराज है? भेक नौजवानने कहा कि 'आपको अपनी प्रार्थनासे कुरानकी आयतें निकाल देनी चाहियें ।' गाधीजीने जवाब दिया कि मै भैसा तो नहीं कर सकता । मगर मै पूरी प्रार्थना बन्द करनेके लिये तैयार हूँ । श्रोताओंने कहा कि हम यह नहीं चाहते। हम पूरी प्रार्थना चाहते हैं । मिसपर चेतराज करनेवाला नौजवान चुप हो गया । ग्रन्थ साहव गाधीजीने कहा कि आज कुछ सिक्ख दोस्त मुझसे मिलने आये 'थे, जो aur easefire अनुयायी थे । न लोगोंने कहा कि आजकी खूनखराबी सिक्ख धर्मके खिलाफ है । सच पूछा जाय, तो यह किसी भी धर्म के खिलाफ है । झुनमेसे मेक भामने प्रथ साहवसे भेक बहा अच्छा भजन सुनाया, जिसमें गुरु नानक्ने कहा है कि भगवानको अल्लाह, रहीम, वगैरा किसी भी नामसे पुकारा जा सकता है। अगर भगवान हमारे दिलमें है, तो खुसे किसी भी नामले पुकारनेमें कुछ ४१
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