पृष्ठ:Ramanama.pdf/२२

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यौगिक क्रियाओं अक मिशनरी मित्रने गाधीजीसे पूछा कि क्या वे कोी यौगिक क्रियाये करते है। जिसके अत्तरमे गाधीजीने कहा "योगकी क्रिया तो मैं जानता नही। मै जो किया करता हू, असे तो बचपनमे अपनी आयासे मैने सीखा था। मुझे भूतका डर लगता था। जिस पर वह मुझसे कहा करती थी 'भूत जैसी कोी चीज है ही नहीं, फिर भी अगर तुझे डर लगे, तो रामनाम ले लिया कर।' मैने बचपनमे जो सीखा, असने मेरे मानसिक आकाशमे विशाल रूप धारण कर लिया है। अिस सूर्यने मेरी घोरसे घोर अधकारकी घडीमे मुझे प्रकाश प्रदान किया है। यही आश्वासन ीसाीको ओसाका नाम लेनेसे और मुसलमानको अल्लाहका नाम लेनेसे मिलता है।* अिन सब चीजोका अर्थ तो अक ही है और समान परिस्थितियोमे अिनका अक-सा ही परिणाम आता है। मात्र यह नामस्मरण तोतेकी तरह नही होना चाहिये, किन्तु यह नाम-ध्वनि अतस्तलसे झुठनी चाहिये। हरिजनसेवक, १२-१२-१९३६

  • अिस्लामका अल्लाह वही है, जो मीसाअियोका गॉड और हिन्दुओका

औश्वर है। जिस तरह हिन्दु धर्ममे श्रीश्वरके अनेक नाम है, असी तरह अिस्लाममे भी मीश्वरके कमी नाम है। वे नाम व्यक्तित्वको नही, बल्कि गुणोको बताते है। और तुच्छ मनुष्यने अपने नम्र तरीकेसे सर्वशक्तिमान भीश्वरका असके गुणो द्वारा वर्णन करनेका प्रयत्ल किया है, यद्यपि वह गुणातीत, अवर्णनीय और असीम है। -हरिजन, १२-८-१९३८ १४