पृष्ठ:Ramanama.pdf/३८

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३० रामनाम

उनके लिए रामनाम किसी कामका नही। रामनामका उपयोग तो अच्छे कामके लिए होता है। बुरे कामके लिए हो सकता होता, तो चोर और डाकू सबसे बडे भक्त बन जाते । रामनाम उनके लिए है, जो दिलके साफ है और जो दिलकी सफाई करके हमेशा साफ-पाक रहना चाहते है । भोग-विलासकी शक्ति या सुविधा पानेके लिए रामनाम कभी साधन नही बन सकता। बादीका इलाज प्रार्थना नही, उपवास है। उपवासका काम पूरा होने पर ही प्रार्थनाका काम शुरू होता है, गोकि यह सच है कि प्रार्थनासे उपवासका काम आसान और हलका बन जाता है । इसी तरह एक तरफसे आप अपने शरीरमे दवाकी बोतले उडेला करे और दूसरी तरफ मुहसे रामनाम लिया करे, तो वह बेमतलब मजाक ही होगा। जो डॉक्टर बीमारकी बुराइयोको बनाये रखनेमे या उन्हे सहेजनेमे अपनी होशियारीका उपयोग करता है, वह खुद गिरता है और अपने बीमारको भी नीचे गिराता hai।* अपने शरीरको अपने सिरजनहारकी पूजाके लिए मिला हुआ एक साधन समझनेके बदले उसीकी पूजा करने और उसको किसी भी तरह बनाए रखनेके लिए पानीकी तरह पैसा बहानेसे बढकर बुरी गत और क्या हो सकती है ? इसके खिलाफ रामनाम रोगको मिटानेके साथ ही साथ आदमीको भी शुद्ध बनाता है और इस तरह उसको ऊचा उठाता hai। यही रामनामका उपयोग है, और यही उसकी मर्यादा । हरिजनसेवक, ७-४-१९४६

  • हमे शरीरके बदले आत्माके चिकित्सकोकी जरूरत है । अस्पतालो और डॉक्टरोकी वृद्धि कोई सच्ची सभ्यताकी निशानी नही है। हम अपने शरीरसे जितनी ही कम मोहब्बत kre, उतना ही हमारे और सारी दुनियाके लिए अच्छा है । - हिन्दी नवजीवन, ६-१०-१९२७