पृष्ठ:Ramanama.pdf/७०

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६२ रामनाम लिए ऍसी विरासत क्यो न छोड जाय, जिससे वे ईमानदारी और मेहनतके साथ अपनी रोटी कमा सके ? आप यह सब सोचते तो है, लेकिन कर नही पाते । मगर रामनामका निरतर जप चलता रहे, तो एक दिन वह आपके कण्ठसे हृदय तक उतर आयेगा, और रामबाण उपाय साबित होगा । वह आपके सब भ्रम मिटा देगा, आपके झूठे मोह और अज्ञानको छुडा देगा। तब आप समझ जायगे कि आप कितने पागल थे, जो अपने बाल-बच्चोके लिए करोडोकी अिच्छा करते थे, बजाय इसके कि उन्हे रामनामका वह खजाना देते, जिसकी कीमत कोई पा नही सकता, जो हमे भटकने नही देता, जो मुक्तिदाता है। और आप खुशीसे फूले नही समायेगे । आप अपने बाल-बच्चोसे और अपनी पत्नीसे कहेगे ‘मै करोडो कमाने गया था, मगर वह कमाना तो भूल गया। दूसरे करोड लाया हू।' वे पूछेगे ‘कहा है वह हीरा, जरा देखे तो !' जवाबमे आपकी आखे हसेगी, मुह हसेगा और धीरेसे आप जवाब देगे ‘जो करोडोका पति है, उसे हृदयमे रखकर लाया हू। तुम भी चैनसे रहोगे, मै भी चैनसे रहूगा । '” -- मसूरी, ८-६-'४६ सारी प्रार्थनाओका सारः शामकी प्रार्थनाके बादके अपने भाषणमे गाधीजीने कहा मै आशा करता हू कि आप अपने घरोमे सुबह-शाम नियमसे प्रार्थना करेगे । अगर आप न चाहे तो आपके लिए सस्कृत श्लोक सीखना कोई जरूरी नही । रामधुन ही काफी है । सारी प्रार्थनाओका सार यही है कि आप अपने दिलोमे ईश्वरको बसा ले । अगर आप इसमे सफल हो जाय, तो आपका, समाजका और सारी दुनियाका भला होगा । -मसूरी, ८-६-४६ सरासर धोखा रामका नाम लेना और रावणका काम करना निकम्मीसे निकम्मी चीज है। हम अपने-आपको धोखा दे सकते है, सारी दुनियाको धोखा दे सकते है, लेकिन रामको धोखा नही दे सकते । --नई दिल्ली, १८-६-४६