पृष्ठ:Ramanama.pdf/७५

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६८ रामनाम मन की गन्दगी शरीरकी गन्दगीसे ज्यादा खतरनाक है, बाहरी गन्दगी आखिरकार भीतरी गन्दगीकी ही निशानी है । -उरुळी, २४-३-४६ ईश्वरकी शरण मे जानेसे किसीको जो आनन्द और सुख मिलता है, उसका कौन वर्णन कर सकता है? -उरुळी, २५-३-४६ रामनाम उन्हीकी मदद करता है, जो उसे जपनेकी शर्ते पूरी करते है। - नई दिल्ली, ८-४-४६ रामनाम जपके साथ-साथ अगर रामके योग्य सेवा न की जाय, तो वह व्यर्थ जाता है । - नई दिल्ली, २१-४-४६ बीमारीसे जितनी मौते नही होती, उससे ज्यादा बीमारीके डरसे हो जाती है । -शिमला, ७-५-'४६ तीन तरहके रोगोके लिए रामनाम ही यकीनी इलाज है। - नई दिल्ली, २४-५-४६ जो रामनामका आसरा लेता है, उसकी सारी इच्छाए पूरी होती हैं। - नई दिल्ली, २५-५-'४६ अगर कोई रामनामका अमृत पीना चाहता है, तो यह जरूरी है कि वह काम, क्रोध वगैराको अपने पास से भगा दे । - - नई दिल्ली, २०-६-'४६ जब सब कुछ अच्छा होता है, तब तो सब कोई ईश्वरका नाम लेते ही है, लेकिन सच्चा भक्त तो वही है, जो सब कुछ बिगड जाने पर भी ईश्वरको याद करता है। - बम्बई, ६-७-४६ रामनामका रसायन आत्माको आनन्द देता है और शरीरके रोग मिटाता है । -- पूना, ९-७-'४६