सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:The Meaning of Relativity - Albert Einstein (1922).djvu/२०

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ जाँच लिया गया है।
8
आपेक्षिकता का अर्थ

कि ऐसे रूपान्तरण लागू करने पर सरल रेखा का समीकरणें सरल रेखा की समीकरणें हि बनती हैं। समीकरण (3अ) में दोनों तरफ से गुणा करके सभी के लिए संकलित करके उत्क्रमित करने पर

(5)

समान गुणांक का व्युत्क्रम प्रतिस्थापन भी ज्ञात करते हैं। ज्यामितीय रूप से का मान अक्ष और अक्ष के मध्य कोण की कोज्या (cosine) मान है।

संक्षेप्त में हम कह सकते हैं कि यूक्लिडीय ज्यामिति में (किसी दिये गये दिक्काश में) कार्तीय तंत्र जैसे निर्देश तंत्र का चयन करते हैं जो परस्पर रैखिक लाम्बिक रूपान्तरण से प्राप्त किये जा सकते हैं। दिक्काश के दो बिन्दुओं के मध्य दूरी का मापन एक मापक छड़ से किया जाता है तो उसे निर्देशांकों में सरलतम रूप में लिखा जा सकता है। सम्पूर्ण ज्यामिति को दूरी की इस अवधारणा पर स्थापित किया जा सकता है। वर्तमान स्थित में ज्यामिति को वास्तविक वस्तुओं (दृढ़ पिण्डों) से जोड़ा जाता है और इसके प्रमेय इन वस्तुओं के व्यवहार से सम्बंधित वाक्य हैं जो सत्य अथवा असत्य सिद्ध हो सकते हैं।

सामान्यतः हम ज्यामिति के उस अध्ययन के आदी हो चुके हैं जो इसकी अवधारणा और अनुभव के मध्य सम्बंधों से अलग है। सैद्धान्तिक, अपूर्ण अनुभववाद के पदों में विशुद्ध रूप से तार्किक और स्वतंत्र को अलग करना लाभदायक है। यह विशुद्ध गणितज्ञ के लिए समाधानकारी है। उसके लिए यह बेहतर होगा कि वो अभिगृहीतों से से सही तरह से अर्थात् तार्किक त्रुटि के बिना प्रमेय प्राप्त की जा सके। यूक्लिडीय ज्यामिति के सत्य होने या न होने से उसे सरोकार नहीं होता।