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पृष्ठ:The Meaning of Relativity - Albert Einstein (1922).djvu/५०

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आपेक्षिकता का अर्थ

यह समीकरण जड़त्वीय निर्देश तंत्र के चयन से स्वतंत्र है और सार्थकता रखती है; लेकिन राशि की निश्चरता इससे प्राप्त नहीं होती। यह राशि एक गुणक के साथ रूपान्तरित हो सकती है। यह इस तथ्य पर निर्भर करता है कि समीकरण (29) में दायीं तरफ को से स्वतंत्र गुणक से गुणा किया जाना चाहिए। लेकिन आपेक्षिकता के सिद्धान्त से इस गुणक का मान इकाई प्राप्त होता है, जो हम आगे सिद्ध करेंगे। माना कि एक दृढ़ वृत्तीय बेलन अपनी अक्ष के अनुदिश गतिशील है। यदि विरामावस्था में इसकी त्रिज्या का मापन करने पर के बराबर प्राप्त होता है तो गति की अवस्था में इसकी त्रिज्या का मान से भिन्न होना चाहिए जबकि आपेक्षिकता सिद्धान्त यह परिकल्पना नहीं करता कि पिण्डों का आकार निर्देश स्थान के सापेक्ष उनकी गति से स्वतंत्र होता है। लेकिन दिक् में सभी दिशाओं का एक दूसरे के तुल्य होना चाहिए। अतएव का मान वेग के परिमाण पर निर्भर हो सकता है लेकिन इसकी दिशा पर निर्भर नहीं होता; अतएव का मान वेग के सम फलन के रूप में होना चाहिए। यदि बेलन के सापेक्ष विरामावस्था में है तो इसके पार्श्व पृष्ठ का समीकरण

यदि हम (29) के अन्तिम दो समीकरणों को अधिक व्यापक रूप में लिखें तो

तब निर्देश तंत्र के सापेक्ष बेलन का पार्श्व पृष्ठ इस समीकरण को संतुष्ट करेगा