जहाँ हम लिखते हैं[१]
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(48)
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समीकरण (47) का भौतिक अर्थ स्पष्ट करने के लिए इसे अन्य निरूपण में लिखने पर,
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(47अ)
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अथवा काल्पनिक भाग को हटाने पर,
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(47ब)
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बाद वाले रूप में व्यक्त करने पर हम देखते हैं कि पहले तीन समीकरण संवेग के सिद्धान्त को दर्शाते हैं;
विद्युत्-चुम्बकीय क्षेत्र में मैक्सवेल प्रतिबल हैं और
क्षेत्र के प्रति इकाई आयतन का सदिश संवेग है। समीकरण समूह (47ब) की अंतिम समीकरण ऊर्जा सिद्धान्त को व्यक्त करती हैं;
ऊर्जा का सदिश प्रवाह है और
क्षेत्र के प्रति इकाई आयतन की ऊर्जा है। वास्तव में समीकरण (48) से हमें विद्युतगतिकी क्षेत्र तीव्रता के घटकों के व्यंजक प्राप्त होते हैं,
- ↑ संसूचकों
और
के लिए संयोजन करने पर।