लेखक:परशुराम चतुर्वेदी
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परिचय
[सम्पादित करें]परशुराम चतुर्वेदी हिंदी आलोचना के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते हैं। उनकी आलोचना संत साहित्य, मध्यकालीन भक्ति काव्य, प्रेम प्रवाह, और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य को वैज्ञानिक रूप में प्रस्तुत करती है। वे परंपरा और आधुनिकता के संगम बिंदु पर खड़े आलोचक माने जाते हैं।
रचनाएं
[सम्पादित करें]आलोचना
[सम्पादित करें]- हिन्दी काव्यधारा में प्रेम प्रवाह – 1952
- मध्यकालीन प्रेम साधना – 1952
- कबीर साहित्य की परख – 1954
- भारतीय साहित्य की सांस्कृतिक रेखाएँ – 1955
निबंध
[सम्पादित करें]- नव निबंध – 1951
अन्य
[सम्पादित करें]अप्राप्य या विवादित रचनाएं
[सम्पादित करें]संचयन
[सम्पादित करें]- संत काव्य – संत कवियों की वाणी पर आलोचनात्मक दृष्टि से संपादन।
रचनाएं परशुराम चतुर्वेदी संबंधित
[सम्पादित करें]साहित्यिक आलोचना
[सम्पादित करें]- हिंदी आलोचना में परशुराम चतुर्वेदी का स्थान – समीक्षात्मक लेख।