पृष्ठ:आलमगीर.djvu/२४०

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


पूर्णप्मिा देवी की पुराना पीरामाची पाग- परिपा रोने-मोर सगरमे तरी भापति, डाग माउनी दिन भाची पा । फोरम, and all vasna २२५ पगा। शता सम्मगर का पर सरिल २५ मा थी। और प्रथम ती मोरपणे अपने पूरे पररवार बीबीरे धागे को बना। उसने पर्याप्त अपने पर ने म्मा पर पर लिपा था। अपनी सारी ऐना मे माग लिए पा सेनामिण माम में हीरापी पर हा भा। गिर पन्द्रामार बुने हुए शरीरमा पार थे, जो कम वेग, तीरमाम बन्दूर और वनवाये से सबित पे! पारिनी पोर उतारे गुसवान मुहम्मद की कमान में पन्द्रह हमार से ही बाम पार पेवा के हामताप मौरहनेभषमा मीरवाना मी बा, कोपा सारी, विधासी और मुस्टर सिगाही पा और पिछे उसी समय नौ मादुर म खिताब दिया गया था। मुहम्मद सुनवान के दाहिनी पोर नावों और दूसरे चरण के प्रवीन पन्द्रा रबार पोवा एक टीसय दस्ता पा। औराये के पाई मार मुण्दपा पन्द्रह हार पीर पोर मुममित सवारी सहित मुनीम पार का एक संघापी पर, मिकी सोने प्रमाय मूर में पूर्व मादि चमचमा सी पी, बैठा था। उनी गत में उसके साब का कोय देय मी पा । पापों रखा मुपदरे बाई मोर पन्द्रामार सिपाहियोभा मुपोप सेनापतियों अमीनवा में था। इसके बाद मुण्ड के ग मोर जमाने से मरे एपी, मात प्रमाण, गाडी,रस प्रापि ये भोर सपो पीछे वोरमानामा।