सामग्री पर जाएँ

विकिस्रोत:मुखपृष्ठ

विकिस्रोत से
हिन्दी विकिस्रोत पर आपका स्वागत है।
एक मुक्त पुस्तकालय जिसका आप प्रसार कर सकते हैं।
हिंदी में कुल ६,०५० पाठ हैं।

सितम्बर की निर्वाचित पुस्तक
निर्वाचित पुस्तक

सप्ताह की पुस्तक
सप्ताह की पुस्तक

Download this featured text as an EPUB file. Download this featured text as a RTF file. Download this featured text as a PDF. Download this featured text as a MOBI file. Grab a download!

नीलदेवी भारतेन्दु हरिश्चंद्र द्वारा १८८१ ई में लिखा गया गीतिरूपक है जो १९३५ ई. में इलाहाबाद के रामनारायण लाल द्वारा प्रकाशित भारतेंदु-नाटकावली में संकलित है।

पहला दृश्य
स्थान––हिमगिरि का शिखर
(तीन अप्सरा गान करती हुई दिखाई देती हैं)


अप्सरागण––(झिंझौटी जल्द तिताला)

धन धन भारत की छत्रानी।
वीरकन्यका वीरप्रसविनी वीरवधू जग-जानी॥
सतीसिरोमनि धरमधुरंधर बुधि-बल धीरज-खानी।
इनके जस की तिहूँ लोक में अमल धुजा फहरानी॥

..."(पूरा पढ़ें)


पिछले सप्ताह की पुस्तक देखें, अगले सप्ताह की पुस्तक देखें, सभी सप्ताह की पुस्तकें देखें और सुझाएं

पूर्ण पुस्तक
पूर्ण पुस्तकें

Download this featured text as an EPUB file. Download this featured text as a RTF file. Download this featured text as a PDF. Download this featured text as a MOBI file. Grab a download!

हिन्द स्वराज, महात्मा गाँधी की पहली पुस्तक है जिसमें उन्होंने अपने विचारों को सुव्यवस्थित रूप दिया है। दक्षिण अफ्रीकाके भारतीय लोगोंके अधिकारोंकी रक्षाके लिए सतत लड़ते हुए गांधीजी १९०९ में लंदन गये थे। वहां कई क्रांतिकारी स्वराज्यप्रेमी भारतीय नवयुवक उन्हें मिले। उनसे गांधीजीकी जो बातचीत हुई उसीका सार गांधीजीने एक काल्पनिक संवादमें ग्रथित किया है। इस संवादमें गांधीजीके उस समयके महत्त्वके सब विचार आ जाते हैं। किताबके बारेमें गांधीजी ने स्वयं कहा है कि "मेरी यह छोटीसी किताब इतनी निर्दोष है कि बच्चोंके हाथमें भी यह दी जा सकती है। यह किताब द्वेषधर्मकी जगह प्रेमधर्म सिखाती है; हिंसाकी जगह आत्म-बलिदानको स्थापित करती है; और पशुबलके खिलाफ टक्कर लेनेके लिए आत्मबलको खड़ा करती है।" ( हिन्द स्वराज पूरा पढ़ें)


सभी पूर्ण पुस्तकों की सूची देखें। पूर्णपुस्तक संबंधी नियम देखें और सुझाएं।

सहकार्य

रचनाकार
रचनाकार

भारतेन्दु हरिश्चंद्र (9 सितंबर 1850 — 6 जनवरी 1885), आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक, निबंधकार, कवि, नाटककार और संपादक थे। विकिस्रोत पर उपलब्ध उनकी रचनाएँ:

  1. अंधेर नगरी — नाटक
  2. भारत दुर्दशा — नाटक
  3. नीलदेवी — नाटक
  4. भारतेंदु-नाटकावली — नाटक संग्रह
  5. भारतेन्दु समग्र — भारतेंदु की रचनाओं का संग्रह

प्रतापनारायण मिश्र (24 सितंबर 1856 — 6 जुलाई 1894) हिंदी भाषा के निबंधकार, कवि, नाटककार और संपादक थे। विकिस्रोत पर उपलब्ध उनकी रचनाएँ:

  1. प्रेम पुष्पावली — कविता संग्रह
  2. प्रताप पीयूष — निबंध संग्रह
  3. शैवसर्वस्व — 1890 में प्रकाशित शिव भक्तिपरक रचना

बालमुकुंद गुप्त (14 नवंबर 1865 — 18 सितंबर 1907) हिंदी के निबंधकार, कवि, नाटककार और संपादक थे। विकिस्रोत पर उपलब्ध उनकी रचनाएँ:

  1. शिवशम्भु के चिट्ठे — पत्र शैली में लिखा गया व्यंग्य संग्रह

आज का पाठ

Download this featured text as an EPUB file. Download this featured text as a RTF file. Download this featured text as a PDF. Download this featured text as a MOBI file. Grab a download!

मजदूरी और प्रेम पूर्णसिंह द्वारा रचित निबंध है, जो इलाहाबाद के कौशाम्बी-प्रकाशन द्वारा १९५८ ई. में प्रकाशित सरदार पूर्णसिंह अध्यापक के निबन्ध में संकलित है।

"हल चलाने और भेड़ चरानेवाले प्रायः स्वभाव से ही साधु होते हैं। हल चलानेवाले अपने शरीर का हवन किया करते हैं। खेत उनकी हवनशाला है। उनके हवनकुंड की ज्वाला की किरणें चावल के लंबे और सुफेद दानों के रूप में निकलती हैं। हल चलाने वाले का जीवनगेहूँ के लाल लाल दानें इस अग्नि जीवन की चिनगारियों की डलियाँ सी हैं। मैं जब कभी अनार के फूल और फल देखता हूँ तब मुझे बाग के माली का रुधिर याद आ जाता है। उसकी मेहनत के कण जमीन में गिरकर उगे हैं, और हवा तथा प्रकाश की सहायता से मीठे फलों के रूप में नजर आ रहे हैं। किसान मुझे अन्न में, फूल में, फल में, आहुति हुआ सा दिखाई पड़ता है।..."(पूरा पढ़ें)

सभी आज का पाठ देखें, आज का पाठ सुझाएं और नियम देखें

विषय

आंकड़े
आंकड़े

विकिमीडिया संस्थान

विकिस्रोत गैर-लाभकारी संगठन विकिमीडिया संस्थान द्वारा संचालित है जिसकी अन्य मुक्त-सामग्री परियोजनाएँ निम्नवत हैं:
कॉमन्स विकिपुस्तक विकिडेटा विकिसमाचार विकिपीडिया विकिसूक्ति विकिप्रजाति विकिविश्वविद्यालय विकियात्रा विक्षनरी मेटा-विकि
एक ऐसे विश्व की कल्पना करें, जिसमें हर व्यक्ति ज्ञान को बिना किसी शुल्क के किसी से भी साझा कर सकता है। यह हमारा वादा है। इसमें हमें आपकी सहायता चाहिए। आप हमारे परियोजना में योगदान दे सकते हैं या दान भी कर सकते हैं। यह हमारे जालस्थल के रख रखाव आदि के कार्य आता है।