पृष्ठ:कुछ विचार - भाग १.djvu/६०

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।
:५३:
:: कुछ विचार:
 


से निकल जाती हैं, केवल मुख्य बातें स्मृति पर अंकित रह जाती हैं । तब उस दृश्य के वर्णन करने में अनावश्यक बातें न रहेंगी। आवश्यक और अनावश्यक कथन का एक उदाहरण देकर हम अपना आशय और स्पष्ट करना चाहते हैं-

दो मित्र संध्या समय मिलते हैं। सुविधा के लिए हम उन्हें 'राम' और 'श्याम' कहेंगे।

राम-गुड ईवनिंग श्याम, कहो आनन्द तो है ?

श्याम-हलो राम, तुम आज किधर भूल पड़े ?

राम-कहो. क्या रङ्ग-ढंग है ? तुम तो भले ईद के चाँद हो गये।

श्याम-मैं तो ईद का चाँद न था, हाँ, आप गूलर के फूल भले ही हो गये।

राम-चलते हो संगीतालय की तरफ ?

श्याम-हाँ चलो।

• लेखक यदि ऐसे बच्चों के लिए कहानी नहीं लिख रहा है जिन्हें अभिवादन की मोटी-मोटी बातें बताना ही उसका ध्येय है तो वह केवल इतना ही लिख देगा-

'अभिवादन के पश्चात् दोनों मित्रों ने संगीतालय की राह ली।'