पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१८८

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चाँदी की डिबिया [अङ्क ३ अर्दली जेन जोन्स? वार्थिविक [ धीरे से ] देखो रोपर, उस थैली का जिक्र न आने पाए । चाहे जो कुछ हो तुम उसे समाचार पत्रों में न श्राने देना। [रोपर सिर हिलाता है। गंजा कांस्टेबिल चुप रहो। [मिसेज़ जोन्स काले पतले फटे हुए कपड़े पहने हुए है। उसकी टोपी काली है। वह कठघरे के सामने की दीवार पर हाथ रक्खे चुप चाप खड़ी हो जाती है । जोन्स कठघरे की पिछली दीवार टेक कर खड़ा हो जाता है। और इधर उधर साहस भरी दृष्टि से ताकता है। उसका चेहरा उतरा हुआ है और बाल बढ़े हुए हैं।] १८०