पृष्ठ:नव-निधि.djvu/२४

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राजा हरदौल


उसके ललाट पर पसीने की ठण्डी-ठण्डी बूँदें दिखाई दे रही थीं और साँस तेजी से चलने लगी थी; पर चेहरे पर प्रसन्नता और सन्तोष की झलक दिखाई देती थी।

जुझारसिंह अपनी जगह से ज़रा भी न हिले । उनके चेहरे पर ईष्या भरी हुई मुसकुराहट छाई हुई थी, पर आँखों में आँसू भर आये थे। उजेले और अँधेरे का मिलाप हो गया था ।

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