सामग्री पर जाएँ

पृष्ठ:परमार्थ-सोपान.pdf/१९६

विकिस्रोत से
यह पृष्ठ जाँच लिया गया है।
१३८
[ Part I Ch. 4
परमार्थसोपान


( Contd. from p. 136 )

अजर देश की हवा देख ले,
अमर कुण्ड मों न्हाना |
भगवा पट की बाँध निशानी,
पीछे मत हटना ॥ ४ ॥

कहत कबीर सुनो भाई साधो,
बार बार नहिं आना ।
जोही गुरु का पूरा होगा,
वोही बात पहचाना ॥ ५॥