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पृष्ठ:बाल-शब्दसागर.pdf/१४०

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कजलौटा कजलोटा - संज्ञा पुं० [स्त्री० भल्पा० कज- लौटी ] काजल रखने की लोहे की डंडीदार डिबिया । कक्षा - संज्ञा स्त्री० मौत । कजाक - संज्ञा पुं० लुटेरा । कजाकी - संज्ञा स्त्री० १. लुटेरापन । २. छल-कपट । कजिया - संज्ञा पुं० झगड़ा । कजी - संज्ञा स्त्री० टेढ़ापन | कजल-संज्ञा पुं० [वि० कज्जलित ] जन | काजल । कजाक - संज्ञा पुं० दे० " कजाक " । कटक-सज्ञा पुं० सेना । कटक ई - संज्ञा स्त्री० फ़ौज । कट कट - संज्ञा स्त्री० १. दाँतों के बजने का शब्द | २. लड़ाई-झगड़ा । कटकटाना- क्रि० प्र० दांत पीसना । कटकाई -संज्ञा स्त्री० सेना । कटखना- वि० काट खानेवाला । कटघरा - संज्ञा पुं० काठ का वह घर जिसमे जंगला लगा हो । कटती-संज्ञा स्त्री० बिक्री । कटना- क्रि० भ० १. किसी धारदार चीज़ की दाब से दो टुकड़े होना । २. किसी धारदार चीज़ से घाव होना। ३. कतरा जाना । कटनांस + -संज्ञा पुं० नीलकंठ । कटनी -संज्ञा स्त्री० १. काटने का औज़ार । २. काटने का काम । कटर + - संज्ञा पुं० एक प्रकार की बड़ी नाव जो चरत्रियों के सहारे चलती है। कटरा - संज्ञा पुं० छोटा चौकोर बाज़ार । कटवा - वि० जो काटकर बना हो । कटहर :- संज्ञा पुं० दे० "कटहल" | १३२ कटाह कटहरा - संज्ञा पुं० दे० " कटघरा " । कटहल - संज्ञा पुं० १. एक सदाबहार घना पेड़ जिसमें हाथ सवा हाथ के मोटे और भारी फल लगते हैं । २. इस पेड़ का फल जो खाया जाता है । कटहा - वि० [स्त्री० कटही ] काट खानेवाला । कटा -संज्ञा पुं० मार-काट | वध । कटाइक - वि० काटनेवाला । कटाई - संज्ञा स्त्री० काटने का काम | कटाकट - संज्ञा पुं० १. कटकट शब्द | २. लड़ाई । कटाकटी - संज्ञा स्त्री० मार-काट । कटाक्ष-संज्ञा पुं० १. तिरछी नज़र । २. व्यंग्य | कटाग्नि- संज्ञा स्त्री० घास-फूस की श्राग जिसमें लोग जल मरते थे । कटाछनी - संज्ञा स्त्री० दे० "कटा- कटी" । कटान - संज्ञा स्त्री० काटने की क्रिया, भाव या ढंग । कटाना - क्रि० स० काटने का काम दूसरे से कराना । कटार - संज्ञा स्त्री० [स्त्री० भल्पा० कटारी ] एक बालिश्त का छोटा तिकोना और दुधारा हथियार । कटाव संज्ञा पुं० काट । कतरब्योंत । कटावदार - वि० जिस पर खाद या काटकर चित्र और बेल-बूटे बनाए गए हैं। कटावन | - संज्ञा पुं० १. कटाई करने का काम । २. कतरन । कटास - संज्ञा पुं० एक प्रकार का बन- बिलाव | कटाह-संज्ञा पुं० १. कड़ाह । २.