सप्तम अनुसूची
(अनुच्छेद २४६)
सूची १.—संघ-सूची
१. भारत की तथा उसके प्रत्येक भाग की प्रतिरक्षा जिसके अन्तर्गत प्रतिरक्षा के लिये तैयारी तथा सारे ऐसे कार्य भी हैं, जो युद्ध-काल में युद्ध को चलाने और उसकी समाप्ति के पश्चात् सफलता पूर्वक सैन्य-वियोजन में सहायक हों।
२. नौ, स्थल और विमान बल; संघ के कोई अन्य सशस्त्र बल।
[१]३. कटक-क्षेत्रों का परिसीमन, ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय स्वायत्तशासन, ऐसे क्षेत्रों के अन्दर कटक-प्राधिकारियों का गठन और शक्तियां, तथा ऐसे क्षेत्रों में गृह-वासन का विनियमन (जिस के अन्तर्गत किराये का नियन्त्रण भी है)।
४. नौ, स्थल और विमान-बल की कर्मशालायें।
५. शस्त्रास्त्र, अग्न्यस्त्र, युद्धोपकरण और विस्फोटक।
६. अणुशक्ति तथा उसके उत्पादन के लिये आवश्यक खनिज सम्पत्।
७. संसद-निर्मित विधि द्वारा प्रतिरक्षा के प्रयोजन के लिये अथवा युद्ध चलाने के लिये आवश्यक घोषित किये गये उद्योग।
[२]८. केन्द्रीय गुप्तवार्ता और अनुसंधान विभाग।
[२]९. भारत की प्रतिरक्षा, विदेशीय कार्य या सुरक्षा सम्बन्धी कारणों से निवारक निरोध; इस प्रकार निरुद्ध व्यक्ति।
१०. विदेशी कार्य; सब विषय जिनके द्वारा संघ का किसी विदेश, से सम्बन्ध होता है!
११. राजनयिक, वाणिज्य-दूतिक और व्यापारिक प्रतिनिधित्व।
१२. संयुक्त राष्ट्र-संघटन।
१३. अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलनों, संस्थाओ और अन्य निकायों में भाग लेना तथा उनमें किये गये विनिश्चयों की अभिपूर्ति।
१४. विदेशों से संधि और करार करना तथा विदेशों से की गई संधियों, करारों और अभिममयों की अभिपूर्ति।
१५. युद्ध और शान्ति।
१६. विदेशीय क्षेत्राधिकार।
१७. नागरिकता, देशीयकरण तथा अन्यदेशीय।
१८. प्रत्यर्पण।
१९. भारत में प्रवेश और उसमें से उत्प्रवासन और निर्वागन; पार-पत्र और दृष्टांक।
- ↑ जम्मू और कश्मीर राज्य को लागू होने में प्रविष्टि ३ के स्थान पर निम्नलिखित एनिष्टि रख दी
जायेगी, अर्थात्—
"३ कटकों का प्रशासन।"
- ↑ २.० २.१ ये मदें जम्मू और कश्मीर राज्य को लागू न होंगी।,