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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 11.pdf/६७०

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सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय
३५० पा॰ टि॰, ३५१ पा॰ टि॰, ३९७ पा॰ टि॰, ४००, ४७५, ५००; -द्वारा अस्थायी समझौता स्वीकार, १४ ५७, ८३; -द्वारा कैलेनबैकको मानपत्र, १२७, १२९-३१; -द्वारा क्रूगर्स डॉर्पके भारतीयोंके विरुद्ध सरकारी कार्रवाईका प्रतिकार करने व रिचको सहायता देनेका निर्णय, १३७-३९; -द्वारा गोखलेको मानपत्र, ३३८-३९, ३३९ पा॰ टि॰; -द्वारा गोखलेको भोज, ३४२-४३; -द्वारा पंजीयनके लिए नाम भेजनेकी सत्याग्रहियोंको चेतावनी, ८५-८६, ८८, ९२; -द्वारा पार्लियामेंटके चालू सत्रमें आव्रजनके कानूनमें संशोधन न किये जानेकी हालतमें सत्याग्रह जारी रखनेका निश्चय, ३७; -द्वारा प्रार्थनापत्र: १८८५ के कानून ३, स्वर्ण-कानून और नगरनिगम अधिनियमके बारेमें, ५८; -ट्रान्सवाल नगरपरिषद् अध्यादेशके मसविदेके बारेमें, १९७; -की बैठक, ३०७-०८, ३०९, ४७३-७४; -को जसातके मामलेमें आन्दोलन द्वारा न्याय प्राप्त करनेकी सलाह, २४०; द्वारा भारतसे वापिस लौटनेपर अधिवासी भारतीयोंके लिए बन्दरगाहोंपर सुरक्षाकी माँग, ४७३-७६ -द्वारा भारतीयोंको एकसे अधिक पत्नियाँ न लानेके सम्बन्धमें जस्टिस वेसेल्सके निर्णयका निषेध, ११६, ११८
ब्रिटिश संविधान, -के अन्तर्गत प्रत्येक मनुष्यको समान अधिकार, १०८, १०९-१०
ब्रुनेट, ३६४, ३६६, ४१४, ४१५
ब्रूम जस्टिस, -द्वारा दो प्रवासी मुकदमोंमें फैसला, ४५१-५२
ब्लूम हॉफ, -में गोखलेको मानपत्र, ४०९
ब्लेवॅटस्की, एच॰ पी॰ ६३ पा॰ टि॰ -द्वारा ट्रान्सवाल नगर परिषद् अध्यादेशके मसविदेका निषेध, १०३

⁠भ

भवितयोग, हठयोगसे अधिक अच्छा, ६४
भगत, भोजा, ६४
भगवद्गीता, २५२
भगा, ३७४, ३७९, ३८१, ३८२, ३८५, ३८७-९०, ३९२, ३९४, ३९५, ३९९, ४०५, ४०७
भगा, प्रभु, ३९०

भगा, पाना, ३७५
भट्ट, अम्बाराम, १२८
भरुचा, ३९०
भर्तृहरि शतक, १३६, ४३७
भाँग, ४७६-७७
भाजियाँ, -कम खानेके सम्बन्धमें गांधीजीकी राय, ४९९ -(यों)के बिना भोजन गांधीजीके लिए मुआफिक, ५०९
भाना, ३८०
भाना, अहम्मद, ३७६
भाना, ऊका, ३९३
भाना, नत्थु, ३६३, ३७६
भायात, ३६३, ३६५, ३६८, ३७१, ३८०, ३८२, ३८७, ३८८, ३९०
भायात, आमद मूसा, ३६६, ३७२, ३७३; -का मुकदमा, २८५; -के बॉक्सबर्गमें दूकान खोलनेपर गोरों और ट्रान्सवाल लीडर, का कड़ा विरोध, १८८; -के बॉक्सबर्ग बाड़ेके मामलेमें विरुद्ध फैसला, २८५-८७; -के मामलेमें अपीलके लिए सहयोग देना सारे समाजका कर्त्तव्य, २८७
भायात, इब्राहीम, ३८७
भायात, इसप, ३८७
भायात, मुहम्मद, ३८७
भारत, इंग्लैंडका सबसे बड़ा ग्राहक, ४३७; -धर्मक्षेत्र किन्तु पाप क्षेत्र भी १२३; -की दुर्दशा कर्त्तव्य पालन न करनेके कारण, १२१; -में अकाल, १५५, १६१, १७७, १७८; -में अकालका कष्ट पश्चिमी वातावरणके कारण १९३; -में अकालके लिये सहायता-कोष, १९३; -में दक्षिण आफ्रिकी निवासियोंके लिए सहानुभूतिकी आवश्यकता, ४५९; -सरकार, १८३ पा॰ टि॰, १९५, ३१४ पा॰ टि॰ (२), ३१५, ३२७, ३२८; -की सम्मतिसे गोखलेकी दक्षिण आफ्रिका यात्रा ३४१
भारतीय आहत सहायक दल, १०७
भारतीय दक्षिण आफ्रिकी लीग, ९४
⁠,, प्रवासी आयोग १७५
⁠,, प्रवासी कानून (१८९१), १७४ पा॰ टि॰
⁠,, प्रवासी न्यास-निकाय, २६५
भारतीय भाषाएँ, (ओं) -का पढ़ाया जाना तथा उनके माध्यमसे शिक्षा देना आवश्यक, ४३५