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पृष्ठ:सम्पूर्ण गाँधी वांग्मय Sampurna Gandhi, vol. 36.pdf/४००

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प्रिय मित्र, ४१७. पत्र : सी० रंगनाथ रावको सत्याग्रह आश्रम साबरमती २७ मई, १९२८ जब मैं बंगलोर में था, आपने सरकारी वर्कशाप में बना हुआ चरखा भेजा था । यदि मुझे ठीक याद है तो आप अच्छे तकुए भी बनाते थे। क्या आप कृपया अपने इंजीनियर फोरमैन से इस बात का पता लगायेंगे कि क्या कोई ऐसी मशीन है, जो बिलकुल सही तकुए बनाती हो और यह मशीन या कोई दूसरी मशीन क्या झुके हुए या टेढ़े-मेढ़े तकुओंको बिलकुल सही करके सीधा कर दे सकती है। आश्रम में हम यह काम मशीनके बिना ही कर रहे हैं। यह बड़ी कठिन प्रक्रिया है और सिर्फ थोड़ेसे लोग इसमें कुशलता प्राप्त कर सकते हैं और मरम्मत करनेवालेको यदि एक दिनमें बहुतसे तकुए ठीक करने हों, तो उसकी आँखोंपर बहुत जोर पड़ता है। इस मामले में आप जो भी सूचना मुझे दे सकें या मेरे लिये प्राप्त कर सकें उसे मैं बहुत कुछ मानूंगा । मुझे पता नहीं कि आपके विभाग में चरखा कैसी प्रगति कर रहा है । श्री सी० रंगनाथ राव साहब डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज गवर्नमेंट वर्कशाप बंगलोर अंग्रेजी (एस० एन० १३२३३) की फोटो नकलसे । हृदयसे आपका, Gandhi Heritage Portal