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(३३५)
| अपूर्ण क्रियाद्योतक कृंदत | ... होते हुए | |
| पुर्ण क्रियाद्योतक कृदंत | ... | ... हुए |
(क) धातु से बने हुए काल
कर्त्तरिप्रयोग
(१) संभाव्य भविष्यत्-काल
(२) सामान्य भविष्यत्-काल
सू॰—इन कालों के रूप ३८७ वे अंक में दिये गये हैं।
(३) प्रत्यक्ष विधिकाल (साधारण)
कर्त्ता पुल्लिंग वा स्त्रीलिंग
| एकवचन | बहुवचन |
| १ मैं होऊँ | हम हों, होवे |
| २ तू हो | तुम होओ, हो |
| ३ वह हो, होवे | वे हो, होवें |
(आदर-सूचक)
| २ × | आप हूजिये वा हूजियेगा |
(४) परोक्ष विधिकाल (साधारण)
| २ तू होना वा हूजियो | तुम होना वा हूजियो |
आदर—सूचक
| २ × | आप हूजियेगा |
(ख) वर्त्तमानकालिक कृदंत से बने हुए काल
कर्त्तरिप्रयाग
(१) सामान्य संकेतार्थ काल
सू॰—इस काल के रूपों के लिए ३८७ वां अक देखो।