पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/१६७

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संबी- १६३ संगो ( फा० स्त्री.) १सकोण ता, तंग होनका भाव । संबिया (हि.पु.) एक प्रकारका छोटा तसला जो २ दुःख. कष्ट, केश । ३ निधनता, दरिद्रता । ४ धनता, साँवका बना होता है। कमी। संबियामा ( क्रि.) १ माविक रंगका होना । २ सबि. तजेब ! का. स्त्री०) एक प्रकारका सूक्ष्म और उमदा का खाद या गध पा जाना। मलमल। तंबोह (प्र० स्त्री०) शिक्षा, नसीहत। २ दण्ड, सजा। तंड (हि.पु.) नृत्य, नाच । नंबू (हि.पु.) १ कपड़े पादिका बना हुमा घर, शामिल तडव (हिं० पु०) नृत्यविशेष, एक तरहका नाच। याना, खेमा, डरा । २ बावको तरहको एक मछलो। तत ( हि पु० ) १ नार लगा हुआ एक प्रकारका तंबूर ( फा० पु. ) एक प्रकारका छोटा दोल। बाजा। २ क्रिया, काम। ३ तम्बशास्त्र । ४ प्रबल संवरची ( फा० पु. ) वह जो सबर बजाता हो। काममा. इच्छा। ५ अधीनता, परवशता, मातहतो। तबग (हि.पु.) सितारको तरहका एक बहुत प्राचीन (वि.) ६ जो वजनमें ठीक हो। बाजा। यह पालापचारीमें केवल सुरका सहारा देनेके तंतु ( हि पु०) तन्तु देखो। लिये बजाया जाता है । कहा जाता है कि तम्बक गन्ध तदान (हिपु.) एक प्रकारका छोटा और बढ़िया वने इसे बनाया था इमोसे रमका नाम नबूर पड़ा है। अंगूर। यह केटाके आस-पाम होता है। इमको तबूरातोप (हि. स्त्री० ) एक प्रकारको बड़ी तोप । सुखा कर किसमिम बनाते हैं। तबोरा (हि.पु. ) तमोरा देखो। तंदुप्रा (हिं पु०) ऊमर जमीनमें होनेवालो एक प्रकार- तबोल (हि पु०) १ एक प्रकारका पेड़। बमके पत्ते की घास जो बारहो माम उपजतो है। यह मवेशीको लिमोड़ के पत्ते में होते है । २ बरामके ममय वरको दिये खिलाया जाता है। जानका टोका। ३ लगामको रगड़के कारण घोड़े के तंदुरुस्त ( फा. वि. ) स्वास्था, नौरोग, चङ्गा। मुहका खून। तंदुरुस्ती ( फा स्त्रो०) १ आगेग्यता, सङ्गा होनेका संबोनिन (हिं. स्त्रो० ) वह औरत जो पान बेचती है, भाव। २ स्वास्था। बरसन। संदूर (फा पु० ) एक प्रकारका मट्टीका बहुत बड़ा; लॅबोलिया (हिं. स्त्री०) गङ्गा और यमुनामें मिलनेवालो गोल पौर ऊंचा बरतन। इमको बनावट गोठी. एक प्रकारको मझलो। इसका पाकार पानसा होता है। चूल्ह या भट्टो आदिको तर होतो है। तेज आँच दो तंबोली (हि. पु. ) पान बेचनेवाला मनुष्य, बरई। जातो है और जब यह अच्छी तरहसे गम हो जाता है तभन (हि.पु.) स्तम्भन देखो। तब उमको दोवारों पर भोतरको ओर मोटी मोटी तंवार (हि. स्त्रो.) १ वह चकर जो कभी कभी सिरमें रोटियाँ चिपका देते हैं, रोटियाँ थोड़ी देरमें सिक कर पा जाता है, धुमटा, खुमिर । २ वरांश, रारत। लाल हो जाती हैं। तँवारो (हिं. स्त्री०) तवार देखो। तंदूरी (हि. पु० ) १ मालदहसे आनेवाला एक प्रकार तमु ( स० पु० ) समि-उन्। पुरुवंशीय नृपमेद, पुरु- का रेशम, यह अत्यन्त महोन और नम तथा लाल रज- वश एक राजाका नाम । इन्होंने पौरवराज मतिमारक का होता है। (वि.) २ तंदूर सम्बन्धो। औरस तथा सरस्वतीके गर्भ से जन्मग्रहण किया था। संदेहो (हि. स्त्री०) १ परिश्रम, मेहनत । २ प्रयत्न, राजा मसिमारके और तीन पुत्र थे। परन्तु तसने अपने प्रयास, कोशिश । ३ भाज्ञा, चेतावनो, साकोद । वीर्य बलसे पुरुवंश उज्ज्वल तथा पृथ्वीपालन किया था। सबा (हि.पु.) एक प्रकारका पायजामा। ( भारत . ९४६९५) तंबाकू (हिं. पु. ) तमाकू देखो। तक(सं. वि.) गौरववर्जित यथातथा कायति कैक । तंबाबूगर (हि.पु.) वह जो तमाकू बनाता हो। १ निन्दित, दूषित, बुरा । २ सहनौस । खलित।