पृष्ठ:अद्भुत आलाप.djvu/१०७

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।
१०९
पशुओं में बोलने की शक्ति

रोटी का एक टुकड़ा दिखाकर बूसलर साहब ने पूछा---"यह क्या है?"

उसने तुरंत ही उत्तर दिया---"रोटी।"

तत्पश्चात् उससे और भी बहुत-से प्रश्न किए गए, जिनका उसने ठीक-ठीक उत्तर दिया।

डान यों तो कितने ही शब्द बोल सकता है, परंतु जितने शब्दों का वह ठीक-ठीक और बहुधा प्रयोग करता है, उनकी संख्या नौ है। इससे यह न समझना चाहिए कि केवल इतने ही शब्द उसने रट लिए हैं, और उन्हीं को दोहराता है। डान इन शब्दों का शुद्ध उच्चारण करना तथा इन्हें यथास्थान रखकर वाक्य बनाना और उन्हें उचित अवसर पर आवश्यकतानुसार प्रकट करना भी जानता है। वह मनुष्यों की तरह बड़ी खूबी से अपने मनोगत भाव प्रकाशित करता तथा प्रश्नों का उत्तर बड़ी सफ़ाई से देता है। फिर डान की शब्द-संख्या को भी कम न समझना चाहिए; क्योंकि जब हम यह देखते हैं कि आस्ट्रेलिया के मूल निवासियों की शब्द-संख्या केवल डेढ़ सौ है, तथा सभ्य देशों में रहनेवाले लोग भी प्रायः दो सौ से अधिक शब्द अपने रोजाना बोल-चाल में इस्तेमाल नहीं करते, तब हमें यह जान पड़ता है कि वास्तव में कुत्ते के रूप में डान मनुष्य ही है।

मार्च, १९१३