पृष्ठ:गल्प समुच्चय.djvu/३१०

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श्रीप्रेमचंदजी के


(१) मौलिक-उपन्यास


कायाकल्प ३॥) प्रेमाश्रम ३॥)
रंगभूमि ६) सेवासदन ३)
वरदान २) निर्मला २॥)
ग़बन ३।।) प्रतिज्ञा १॥)
(२) गल्प संग्रह


प्रेम-पुर्णिमा २) प्रेम-प्रसून १॥)
प्रेम-प्रमोद २॥) प्रेम-प्रतिमा २)
प्रेम-पच्चीसी २॥) प्रेम-तीर्थ १॥)
सप्तसरोज ॥) नवनिधि ॥।)
प्रेम-द्वादशी १।) प्रेम-चतुर्थी ॥)
पाँच-फूल ।।।) सप्त-सुमन ।।)


(३)नाटक
संग्राम १॥) कर्बला २)
(४)अनुवादित तथा संकलित
आज़ाद कथा (पहला भाग)२॥)
" " (दूसरा भाग) २)
अहंकार॥=)महात्मा शेखशादी॥)
गल्प-समुच्चय २॥) अवतार॥)
गल्प रत्न १)


भारत-विख्यात


उपन्यास सम्राट्


श्रीप्रेमचंदजी


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