पृष्ठ:गल्प समुच्चय.djvu/९

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अनुक्रमणिका

पृष्ठांक

१ - पं॰ ज्वालादत्त शर्मा

(१) अथाथ बालिका
२५
(२) स्वामीजी ...

२ - महाशय सुदर्शन

६८[१]
(१) संन्यासी ...
५९
(२) अँधेरी दुनिया

३ - पं॰ चतुरसेन शास्त्री

८५
दुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनी

  1. यहाँ टंकण की भूल है। ६८ की जगह ३८ होना चाहिए।