पृष्ठ:गल्प समुच्चय.djvu/९५

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अँधेरी दुनिया


अन्याय किया है; परन्तु आज मालूम हुआ कि इस अन्याय के परदे में उसकी अपार दया छिपी थी।"

यह कहकर मैंने उनके गले में भुजाएँ डाल दी और उनके बालों में धीरे-धीरे अपनी अँगुलियाँ फेरने लगी।

इस समय मेरे अँधेरी दुनियाँ में ऐसा प्रकाश था, जो बयान नहीं किया जा सकता।