पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/११३

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दृश्य २] चांदी की डिविया दिया । पल्ले सिरे का मक्खीचूस है । और देख लेना उसका बाल भी बांका न होगा । मिसेज़ जोन्स [ मानो श्रापही श्राप बातें कर रही हो ] ओ जेम ! हमारी लगी लगाई रोजी चली जायगी! जोन्स अगर ऐसा हुश्रा तो मैं भी उनकी ख़बर लूंगा । न थैली कहीं गई है, न लौडा बार्थिविक कहीं गया है। [ मिसेज़ जोन्स मेज़ के पास आती है और डिबिया को उठा लेना चाहती है, जोम्स उसका हाथ पकड़ लेता है। तुम्हें उससे क्या मतलब है? मैं कहता हूं सीधे से रखदो । मिसेज़ जोन्स मैं इसे लौटा दूंगी और जो जो हुअा है सब साफ़ साफ़ कह दूगी।