पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१२५

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दृश्य २ ]
चाँदी की डिबिया
 

मेरा ऐसा जी चाहता है, कि उसका कान पकड़ कर हिलाऊं।

'जेक

मार्लो बहुत भलामानुस है। यह कोई अच्छी बात नहीं है, कि हमारी बातें हर एक आदमी जान ले।

बार्थिविक

इसकी तो चरचा न करना ही अच्छा है।

मिसेज़ बार्थिविक

सब नीच जातों का यही हाल है, तुम यह नहीं बतला सकते कि वह कब सच बोल रहे हैं। आज जब मैं होलीरूड के घर से चलने के बाद बाज़ार गई, तो इन बेकार आदमियों में से एक आकर मुझसे बात करने लगा। मैं समझती हूँ मुझमें और गाड़ी में केवल बीस गज़ का अंतर था। लेकिन ऐसा मालूम हुआ कि वह

सड़क फाड़कर निकल आया।

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