पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१२९

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दृश्य २ ]
चांदी की डिबिया
 

बार्थिविक

इस विषय में मैं वही करूंगा जो न्याय संगत है। अभी तीसरे पहर मैं रोपर से मिला था। मैंने यह माजरा उससे कहा, वह आ रहा होगा, यह सब खुफ़िया पुलीस के बयान पर है। मुझे तो बहुत संदेह है। मैंने इस पर बहुत विचार किया है।

मिसेज़ बार्थिविक

वह औरत मेरी आंखों में ज़रा भी नहीं जँची उसे किसी बात की शर्म ही नहीं मालूम होती थी। देखो वही मामला जिस की वह चर्चा कर रही थी। जब वह और उसका मर्द जवान थे। कैसी बेहयाई की बात थी और वह भी तुम्हारे और जैक के सामने। मेरा जी चाहता था कि उसे कमरे से निकाल दूं।

बार्थिविक

ओह! वह तो जैसे हैं----सब जानते हैं पर ऐसी बातों पर

ग़ौर करते समय हमें तो सोच लेना चाहिये---

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