पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१३६

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चाँदो की डिबिया [ अङ्क २ । सुसकिराता है ] इसमें उसने क्या फायदा सोचा है ? स्नो वह कहता है कि छोटे साहव पिछली रात को नशे में थे [ जैक अखरोट तोइना बन्द करदेता है और स्नो की भोर ताकने लगता है। बार्थिविक की मुसकिराहट गायब हो जाती है, गिलास रख देता है। सन्नाटा छा जाता है-स्नो बारी बारी से हरेक का चेहरा देखता है, और कहता है ] वह मुझे अपने घर लाए और खूब ह्विस्की पिलाई, मैंने कुछ खाया न था, नशा जोर कर गया और उसी नशे में मैंने डिविया उठा ली। मिसेज़ बार्थिविक गुस्ताख़, पाजी कहीं का ! बार्थिविक आप का खयाल है कि वह कल अपने बयान में भी यही कहेगा। १२८