पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१४४

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चांदी की डिबिया


[ दरवाजे तक जाकर ] शायद कोई नई बात खड़ी हो जाय। अच्छा यह है कि आप एक वकील कर लीजिये । हम खानसामा को यह सावित करने के लिए तलब करेंगे कि चीज़ वास्तव में चोरी गई । अब मुझे श्राज्ञा दीजिये, मुझे आज बहुत काम है । ग्या- रह बजे के बाद किसी समय मुकदमा पेश होगा । वंदगी हुजूर, वंदगी मेम साहव ! मुझे कल यह डिविया अदालत में पेश करनी पड़ेगी, इस लिए यदि आपको कोई आपत्ति न हो तो मैं इसे अपने साथ लेता जोऊ । [वह डिविया उठा लेता और सलाम करले चला जाता । बाविक उसके साथ जाने के लिए उठता है, और अपने हाथों को कोट के पीछे रखकर निराश होकर बोलता है। में चाहता हूँ कि तुम इन बातों में दखल न दिया करो । तुम्हारी ऐसी आदत है कि समझो या न समझो दखल हरेक बात में दोगी। मामला दिया । मगर मारा-सब चौपट कर