पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१६०

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चांदी की डिबिया
[ अड़्क२
 

( कुछ हिचिक कर )

यानी---मैं---

बार्थिविक

सोफ़ा पर! क्या तुम्हारा मतलब यह है कि चारपाई पर गए ही नहीं।

जैक

( मुँह लटका कर )

नहीं।

बार्थिविक

अगर तुम्हें कुछ भी याद नहीं है तो यह इतना कैसे याद रहा?

जैक

क्यों कि आज सुबह मेरी आँख खुली तो मैंने अपने को वहीं पाया।

मिसेज़ बार्थिविक

क्या कहा?

१५२