पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१६२

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चाँदी की डिबिया . जैक [प्रसव होकर हाँ, वही वही ! मुझे साफ़ याद आ रहा है- [बार्थिविक अचानक खिसक जाता है ] मिसेज़ बार्थिविक क्रोध से रोपर की तरफ देखती है और अपने बेटे की बाँह छूती है। मिसेज बार्थिविक तुमको बिलकुल याद नहीं ह! यह कितनी हैसी की बात है। मुझे उस आदमी के यहाँ आने का बिलकुल विश्वास नहीं है। बार्थिविक तुम्हें सच बोलना चाहिए । चाहे यही सच क्यों न हो ? लेकिन अगर तुम्हें याद आता है कि तुमने ऐसी बेहूदगी की तो तुम फिर मुझसे कोई अाशा न रक्खो