पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१८

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चाँदी की डिबिया
[अङ्क१
 

उसके साथ ने रहती। मैं कभी ऐसे आदमी के साथ न रहती, जो मुझ पर हाथ साफ़ करता। मुझसे यह बरदाश्त ही न होता। तुम लड़कों को लेकर क्यों नहीं उसे छोड़ देती हो? अगर तुम यह बरदाश्त करती रहोगी, तो वह और भी सिर चढ़ जायगा। मेरी समझ में नहीं अाता, कि महज़ शादी कर लेने से कोई आदमी क्यों तुम्हें दिक़ करे।

मिसेज़ जोन्स

[ काली आँखें और काले बाल, चेहरा अण्डाकार, आवाज़ चिकनी, नर्म और मीठी। सूरत से सहनशील मालूम होती है। उदासी से बातें करती है। वह नीले रंग का कपड़ा पहिने हुए है और उसके जूते में सूराख़ हैं। ]

वह आधी रात को घर आया और अपने होश में न था। उसने मुझे जगाया और पीटने लगा। उसे सिर पैर की कुछ ख़बर ही नहीं मालूम होती थी। मैं उसे छोड़ना तो चाहती हूँ, मगर डरती हूँ, न मालूम मेरे

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