पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१९

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दृश्य २ ]
चाँदी की डिबिया
 

साथ क्या करे। जब वह नशे में होता है, तो उसके क्रोध का वारापार! नहीं रहता।

हीलर

तुम उसे क़ैद क्यों नहीं करा देती? जब तक तुम उसे बड़े घर न पहुँचा दोगी, तुम्हें चैन न मिलेगा। अगर मैं तुम्हारी जगह होती, तो कल ही पुलीस में इत्तला कर देती। वह भी समझता कि किसी से पाला पड़ा था।

मिसेज़ जोन्स

हाँ मुझे जाना तो चाहिए, क्योंकि जब वह नशे में होता है तो मेरे साथ बुरी नरह पेश आता है। लेकिन बहिन! बात यह है कि उन्हें अाजकल बड़ा कष्ट है।---दो महीने से घर बैठे हुए हैं। और यही फ़िक्र उन्हें सता रही है। जब कहीं मजूरी लग जाती है, तब वह इतना उजडुपन नहीं करते। जब ठाले बैठते हैं तभी उनके सिर भूत सवार होता है।

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