पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२०

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चाँदी की डिबिया
अङ्क१
 

हीलर

अगर तुम हाथ पैर न हिलाोगी, तो उससे गला न छूटेगा।

मिसेज़ जोन्स

अब यह दुर्गति नहीं सही जाती; मुझे रात-रात भर जागते गुज़र जाती है। और यह भी नहीं है कि कुछ कमाकर लाता हो क्योंकि घर का सारा बोझ मेरे सिर है। ऐसी-ऐसी गालियाँ देता है, क्या कहूँ। कहता है कि तू शुहदों को साथ लिये फिरती है। बिलकुल झूठी बात है, मुझसे कोई आदमी नहीं बोलता, हाँ, वह खुद औरतो के पीछे पड़ा रहता है। उसकी इन्हीं सब बातों से मेरा जी जला करता है। मुझे धमकाता है, कि अगर तुमने मुझे छोड़ा तो सिर काट लूँगा। यह सब शराब और चिंता का फल है। हाँ, यों

आदमी वह बुरा नहीं है। कभी-कभी वह

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